Archive | July 2018

हनुमान चालीसा सत्संग: जुलाई २०१८

जुलाई २०१८ का मासिक हनुमान चालीसा सत्संग का आयोजन दिनांक २९ को वेदांत आश्रम में आयोजिय हुआ। पूर्ववत पहले भक्त मण्डली के द्वारा सुन्दर भजनो का आयोजन हुआ। बाद में पूज्य गुरूजी के आने के बाद हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ और तत्पश्यात पूज्य गुरूजी का प्रवचन प्रारम्भ हुआ। इस बार उन्होंने २८वीं चौपाई पर प्रकाश डाला – और मनोरथ जो कोई लावै … ।

पूज्य गुरूजी ने अपने प्रवचनों का सार बताने के उपरांत इस बार २८वीं चौपाई में प्रवेश किया। और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै।। गोस्वामीजी कहते हैं की वैसे तो हम ने सभी सामान्य मनो कामनाओं की पूर्ती का मार्ग निर्देशन कर दिया है – लेकिन अगर कोई ऐसी इच्छा हो जो कुछ विशेष है तो उस के बारे में भी जान लो की, ‘और मनोरथ जो कोई लावै’ – और वह भक्तशिरोमणि हनुमानजी का आश्रय लेता है तो उनके बारे में भी हम ये आश्वासन देते है की हनुमानजी की भक्ति और आराधना कभी भी विफल नहीं होती है, उनकी भी मनोकामना अवश्य पूरी होती है – सोइ अमित जीवन फल पावै।

इस चौपाई में ‘और मनोरथ’ शब्द विषय महत्त्व का है। अन्य कोई मनोकामना सांसारिक हो सकती है, अथवा वह धार्मिक या आध्यात्मिक हो सकती है। और शब्द से यह मनोकामना असामान्य अवश्य दिखती है। गीता में भगवन कहते हैं की मनुष्याणां सहस्रेषु। … हज़ारों मनुष्यों में कुछ विरले ही सिद्ध होने की आकांशा रखते हैं, और इन में भी कुछ ही आगे तक बढ़ कर हमें प्रामाणिक रूप से जान पाते हैं। वस्तुतः प्रत्येक सिद्धि हमारे लक्ष की स्पष्टता पर निर्भर करती है। जब हम जानेगे ही नहीं तो उस दिशा में प्रार्थना और पुरुषार्थ दोनों असंभव हैं।

पूज्य गुरूजी ने दो विषय उठाये, पहला मनोरथ क्या होते हैं, और दूसरा किसी भी मनोरथ की सिद्धि कैसे होती है। जब हमारा मन किसी लक्ष की सिद्धि के लिए दौड़ता है जैसे की मनो हम किसी गंतव्य की तरफ अपनी गाडी ले जा रहे है, तब उसे मनोरथ कहते हैं। मनोरथ अर्थात कामना, आकांशा। मनोरथ की पूर्ती में कामना की स्पष्टता पर निर्भर करती है अतः ये अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। लक्ष कैसा भी हो सबसे पहले उसे स्पष्ट और दृढ बनाएं, और फिर एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु के बारे में स्पष्टता रखें की लक्ष्य की सिद्धि क्या केवल प्रार्थना से होती है अथवा पुरुषार्थ भी महत्वपूर्ण होता है।  उन्होंने ने बताया की इस महत्वपूर्ण बिंदु पर हम लोग अगले सत्र में चर्चा करेंगे।

कार्येक्रम के अंत में पूर्ववत आरती और प्रसाद वितरण हुआ।

लिंक्स: 

फोटो एल्बम 

प्रवचन 

ગીતા જ્ઞાન યજ્ઞ, અમદાવાદ

અમદાવાદ નાં મણિનગર વિસ્તાર માં સ્થિત રામકૃષ્ણ સેવા સમિતિ માં પૂજ્ય સ્વામીની અમિતાનંદજી નાં સાત દિવસીય ગીતા જ્ઞાન યજ્ઞ નું આયોજન તારીખ 25 જૂન થી 1 જુલાઈ 2018 સુધી કરવા માં આવ્યું. આ યજ્ઞ ની પ્રવચન શૃંખલા માં પૂજ્ય સ્વામિનીજી એ સવાર નાં સત્ર માં આદિ શંકરાચાર્યજી દ્વારા રચિત લઘુ વાક્ય વૃત્તિ ગ્રંથ ઉપર તથા સાંજ નાં સત્ર માં ભગવદ્દ ગીતા નાં તેરમાં અધ્યાય ક્ષેત્ર ક્ષેત્રજ્ઞ વિભાગ યોગ પર પ્રવચન કર્યું.

લઘુ વાક્ય વૃત્તિ ગ્રંથ પ્રસિદ્ધ મહાવાક્ય “અહં બ્રહ્માસ્મિ” પર વ્યાખ્યા રૂપ છે.

ગીતા નાં તેરમાં અધ્યાય ક્ષેત્ર ક્ષેત્રજ્ઞ વિભાગ યોગ માં ભગવાને ક્ષેત્ર અને ક્ષેત્રજ્ઞ નો વિવેક પ્રદાન કર્યો.
ભગવાને જણાવ્યું કે આ શરીર રૂપી ક્ષેત્ર માં એને જાણનારો ક્ષેત્રજ્ઞ પણ હું જ છું. જે આને જાણે છે, એ જ જન્મ મૃત્યુ નાં ચક્ર માંથી મુક્ત થઇ જાય છે. એને જાણવા માટે અમાનિત્વ વગેરે 20 મૂલ્યો ને પાત્રતા રૂપ વિકસિત કરવા જોઈએ
અંત માં બંધન અને મુક્તિ નું સ્વરૂપ બતાવ્યું. અને મુક્તિ માટે વિવેક કરવો એ જ એક માત્ર વિકલ્પ છે. તેમ જણાવ્યું.

This entry was posted on July 2, 2018, in GGY.

Vedanta Sandesh – July 2018

The July 2018 edition of Vedanta Sandesh is the English monthly eMagazine of International Vedanta Mission, containing inspiring and enlightening articles of Vedanta & Hinduism, and news of the activities of Vedanta Mission & Ashram – has been published. You can check it out from the links below:

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This entry was posted on July 1, 2018, in Magazines.